मरीजों के बेड पर टपक रहा छत का पानी:गोरखपुर महिला जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का खस्ता हालत, खाना न मिलने की भी शिकायत

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

गोरखपुर का महिला जिला अस्पताल इस वक्त बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अस्पताल में महिला वार्ड की छत से लगातार पानी टपक रहा है, और यह पानी सीधे मरीजों के बेड पर गिर रहा, जिससे यहां भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का मौसम हो या सामान्य दिन, वार्ड की यह स्थिति मरीजों के लिए संक्रमण का खतरा भी पैदा कर रही है। छत से गिरता पानी न सिर्फ इलाज के माहौल को खराब कर रहा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के रखरखाव में कितनी लापरवाही बरती जा रही है। बजट पास होने तत्काल शुरू होगा मरम्मत ​हालांकि इस मामले में अस्पताल के एसआईसी डॉ. जय कुमार का कहना है कि बिल्डिंग की जर्जर हालत को लेकर हमने तकनीकी स्वीकृति (TS) के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। जैसे ही बजट पास हो जाएगा, छत की मरम्मत का काम तुरंत शुरू करा दिया जाएगा। तब तक के लिए जिस बेड पर पानी टपक रहा है, उसे किसी पेशेंट को अलॉट नहीं किया गया। अन्य बेड पर ही पेशेंट हैं। ​हालांकि, अस्पताल प्रशासन का यह जवाब उन मरीजों को तत्काल राहत नहीं दे रहा है, जो हर दिन इस मुसीबत से जूझ रहे हैं। छत से टपकते पानी की समस्या के साथ ही, अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं ने एक और गंभीर शिकायत की है। बाहर से खा रहे खाना डिलीवरी के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि उन्हें अस्पताल की ओर से खाना नहीं मिल रहा है। हमें अपने घर या फिर बाहर से ही खाना मंगा कर खाना पड़ रहा है। रुस्तमपुर की रीना देवी ने बताया- बुधवार को मेरी डिलीवरी हुई, हमें अपने घर से, या बाहर से खाना मंगाना पड़ रहा है। हॉस्पिटल की ओर से अभी तक कोई पूछने नहीं आया कि खाना कैसे खा रहे हो। वहीं उनवल के पास भिउरा से हॉस्पिटल में एडमिट पूनम ने बताया- मेरी डिलीवरी को एक दिन से ज्यादा हो गया है लेकिन अभी तक हॉस्पिटल की ओर से खाना नहीं आ रहा है। हम लोग रिश्तेदार के घर से मंगा कर खा रहे हैं। कुछ ने कहा मिलता है खाना
जबकि ज्यादातर मरीजों ने बताया है कि खाना और नाश्ता दोनों मिल रहा है। सुबह- शाम खाना और नाश्ता समय पर आता है। जिसको इच्छा होती है लेता है नहीं तो बाहर से मंगाता है। वहीं इस मामले पर जवाब देते हुए एसआईसी डॉ. जय कुमार ने कहा- खाना हर दिन समय पर मरीजों को पहुंचाया जाता है। जिनकी डिलीवरी जल्द ही हुई है, उनको लगभग 24 घंटे तक अनाज नहीं देता होता है। इसीलिए कुछ समय के लिए उनको खाना नहीं दिया जाता है। ऐसे लोग ही शिकायत करते हैं। इनके अलावा सभी प्रसूति महिलाओं को बिल्कुल समय पर दिया जाता है। साथ ही समय- समय पर इस बात की पुष्टि के लिए मॉनिटरिंग भी की जाती है।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *