मुजफ्फरनगर में बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने शनिवार दोपहर एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अब सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर भी आम नागरिकों और जीव-जंतुओं के लिए जहरीला होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में सांस लेना दूभर हो गया है और पीने का पानी व हवा दोनों ही प्रदूषित हो चुके हैं। धर्मेंद्र मलिक ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर की कई औद्योगिक इकाइयों में प्रतिबंधित कचरा (एमएसडब्ल्यू) जलाया जा रहा है। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली गैसों और अपशिष्ट जल को नदियों में छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। मलिक के अनुसार, प्रदूषण के कारण धरती बंजर होती जा रही है और महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने जानकारी दी कि इस संबंध में जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो फरवरी माह में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा और प्रतिबंधित कचरा लाने वाले ट्रकों को जनपद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस बीच, भाकियू अराजनीतिक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि संगठन ने किसानों के बलिदान को सम्मान देने का संकल्प लिया है। उन्होंने कृषि आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देने और उन्हें सम्मानित करने की मांग की। त्यागी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स जैसी कैंसर इकाई और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की भी मांग की। संगठन ने अंत में प्रयागराज में तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने की घोषणा की। इस शिविर में देशभर से किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
मुजफ्फरनगर में प्रदूषण पर भाकियू अराजनीतिक की चेतावनी:फरवरी में आंदोलन का ऐलान, प्रयागराज में होगा तीन दिवसीय सम्मेलन
📅 Published: January 17, 2026 |
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