सहारनपुर में एक अभियुक्त को उम्रकैद की सजा:बहन के ससुर की गोली मारकर की थी हत्या, मायके जाने को लेकर हुआ था विवाद

📅 Published: January 29, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

सहारनपुर में वैवाहिक संबंधों को लेकर उपजे लंबे विवाद का खौफनाक अंत करते हुए बहन के ससुर की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। ये फैसला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया। मामले की जानकारी देते हुए डीजीसी सोनवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में थाना गागलहेड़ी में सरस्वती विहार निवासी अर्पित शर्मा पुत्र अनिल शर्मा ने लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार, अर्पित शर्मा की शादी 22 अप्रैल 2016 को हरिद्वार निवासी विशाखा के साथ हुई थी। वर्ष 2018 में विशाखा ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल से ही वो नवजात बेटी को लेकर अपने मायके चली गई। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच रिश्तों में लगातार तनाव बना रहा। वादी के अनुसार, उसके परिवार ने कई बार विशाखा और बेटी को ससुराल वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार विशाखा के परिजन अभद्र व्यवहार करते रहे। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। ये विवाद धीरे-धीरे गंभीर होता चला गया और आखिरकार 16 जून 2022 को हिंसक घटना में तब्दील हो गया। घटना के दिन शाम करीब 6:20 बजे अर्पित शर्मा के पिता अनिल शर्मा, माता आशा शर्मा और बहन यश्वी शर्मा अपनी कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान विशाखा का भाई अर्पित पुत्र अशोक शर्मा, निवासी हरिद्वार, वहां पहुंचा और अचानक अनिल शर्मा पर गोली चला दी। गोली लगने से अनिल शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी ने मौके पर मौजूद उनकी पत्नी और बेटी को भी जान से मारने की धमकी दी। घटना के तुरंत बाद परिजन अनिल शर्मा को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस बरामद किए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि गोली अर्पित पुत्र अशोक शर्मा ने ही चलाई थी और उसी के कारण अनिल शर्मा की मौत हुई। मृतक की पत्नी आशा शर्मा और बेटी यश्वी शर्मा ने भी कोर्ट में घटना के समर्थन में बयान दिए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया गया।

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