हरियाणा राज्य फार्मेसी परिषद (HSPC) ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुगम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिन आवेदकों द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए अभी तक अपने डॉक्यूमेंट परिषद में जमा नहीं किए गए हैं, उनको यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त अवसर देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अभी तक 65 हजार फार्मासिस्ट रजिस्टर्ड हैं। हरियाणा राज्य फार्मेसी परिषद की रजिस्ट्रार अंकिता अधिकारी ने बताया कि जिन उम्मीदवारों ने फार्मेसी में रजिस्ट्रेशन के लिए पहले अपने डॉक्यूमेंट जमा नहीं किए थे, उन्हें अब परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किए दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। आवेदकों को अपने पेडिंग डॉक्यूमेंट के साथ देरी का कारण बताते हुए एक लिखित लेटर भी जमा करना होगा। राज्य के बाहर के प्रमाण पत्र वेरिफाई कराने होंगे रजिस्ट्रार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेषकर हरियाणा के बाहर स्थित संस्थानों द्वारा जारी किए गए फार्मेसी के प्रमाण–पत्रों का उनके संबंधित विश्वविद्यालयों, बोर्डों या फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) अथवा मान्यता प्राप्त संस्थानों से सत्यापन करवाना अनिवार्य है। इसके अलावा, आवेदकों को यह शपथ–पत्र भी देना होगा कि वे किसी अन्य राज्य की फार्मेसी परिषद में पंजीकृत नहीं हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए परिषद ऑफिस करेगा मदद अंकिता ने कहा कि वास्तविक प्रक्रिया संबंधी या सत्यापन से जुड़े कारणों के चलते किसी भी पात्र उम्मीदवार को पंजीकरण से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने परिषद द्वारा पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुगम सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा राज्य फार्मेसी परिषद (HSPC) में पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी या सहायता के लिए आवेदक कार्य-समय के दौरान परिषद के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक संचार माध्यमों का उपयोग भी कर सकते हैं।
हरियाणा में फार्मासिस्टों को डॉक्यूमेंट जमा करने का मौका:देरी का कारण बताना होगा, लिखित लेटर भी देना पड़ेगा; अभी 65 हजार फार्मासिस्ट रजिस्टर्ड
📅 Published: November 21, 2025 |
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