10 लाख से बना पुल हफ्तेभर में जर्जर:अंबेडकरनगर में लोकार्पण के बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

📅 Published: January 25, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

अंबेडकरनगर के श्रवण क्षेत्र में तमसा नदी पर 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित एक पुल लोकार्पण के महज एक सप्ताह के भीतर ही जर्जर हो गया है। 17 जनवरी को श्रवण महोत्सव से ठीक एक दिन पहले एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय ने इस पुल का उद्घाटन किया था। अब इसकी सतह जगह-जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह पुल विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत सिंचाई विभाग द्वारा बनवाया गया था। इसका उद्देश्य वर्षों से मौजूद कच्चे पुल के स्थान पर ग्रामीणों को एक मजबूत, सुरक्षित और स्थायी विकल्प प्रदान करना था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद पुल से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुराना कच्चा पुल भले ही अस्थायी था, लेकिन वह कई सालों तक चला, जबकि यह नया पुल एक सप्ताह भी नहीं टिक सका। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। सीमेंट, गिट्टी और डामर की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पुल निर्माण के दौरान उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। पुल की इस दयनीय स्थिति को देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि इसकी जल्द मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। विशेषकर स्कूली बच्चों, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह पुल खतरनाक साबित हो सकता है। कई ग्रामीणों ने पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह सवाल उठ रहा है कि निर्माण से पहले और बाद में गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई। क्या विभागीय इंजीनियरों ने मौके पर निरीक्षण किया था या केवल कागजों में ही सब कुछ स्वीकृत कर दिया गया। सभी की निगाहें सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में क्या कार्रवाई करते है।

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